Uchana Kalan : उचाना कलां भाईचारा का संदेश दे रहा है। कई सालों से यहां पर ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित करके धार्मिक स्थलों की तस्वीर बदलने का काम किया है। अब तक करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर खर्च किए जा चुके है। हाल में लितानी रोड स्थित बसंती माता मंदिर के नव निर्माण 50 लाख रुपए के करीब की राशि ग्रामीणों के सहयोग से खर्च की गई।
बसंती माता मंदिर नवनिर्माा को लेकर कमेटी (Uchana Kalan ) बनाई गई। कमेटी की देखरेख में निर्माण कार्य हुए। जितेंद्र जोगी, बुल्ला श्योकंद, शीशपाल मुंशी, धर्मपाल, डॉ. मंगत राम, धर्मपाल सैन, रामनिवास, ओम शर्मा ने बताया कि उचाना कलां के धार्मिक स्थलों के जीर्णोंद्धार चंदा एकत्रित करके किया गया है। उचाना कलां से भाईचारे का संदेश के साथ-साथ सामूहिक रूप से किसी कार्य को करने की भावना भी ग्रामीणों में पैदा हुई है।
जो धार्मिक स्थल है उनकी तस्वीर ग्रामीणों के सहयोग से बदली गई है। बसंंती माता मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी (Uchana Kalan ) तरह की परेशानी बंदरों के आंतक के चलते न हो इसको लेकर मंदिर परिसर की पूरी दीवारी पर तारें लगाई गई है। बीते कई सालों से उचाना कलां के प्राचीन शिव मंदिर, उचाना कलां बाबा दूधाधारी गिरी मंदिर का जीर्णोंद्धार, दादा खेड़ा का नव निर्माण, पार्क के पास रामचंद्र गिरी समाध मंदिर का नव निर्माण, जाहर वीर गोगा मंदिर का निर्माण ग्रामीणों द्वारा चंदा एकत्रित करके किया।
करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए की राशि इन पर खर्च की गई। बसंती माता मंदिर उचाना के नवनिर्माण पर 50 लाख रुपए की राशि खर्च की गई। समाज सेवी रमेश गर्ग परिवार द्वारा चारदीवारी, दो कमरों के (Uchana Kalan ) निर्माण, वाटर कूलर के अलावा बंदर मंदिर परिसर में न पहुंचे इसको लेकर मंदिर के चारों तरफ तार लगवाई, ग्रामीणों से भी चंदा एकत्रित किया गया।
उचाना कलां भाईचारा का संदेश दे रहा है। कई सालों से यहां पर ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित करके धार्मिक स्थलों की तस्वीर बदलने का काम किया है। अब तक करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए अलग-अलग धार्मिक (Uchana Kalan) स्थलों पर खर्च किए जा चुके है। हाल में लितानी रोड स्थित बसंती माता मंदिर के नव निर्माण 50 लाख रुपए के करीब की राशि ग्रामीणों के सहयोग से खर्च की गई।