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Jind DC Vaishali Sharma : हरियाणा के गठन के साथ अस्तित्व में आए जींद जिले ने प्रशासनिक इतिहास का एक नया अध्याय लिख दिया है। वर्ष 1966 में जिले की स्थापना के बाद पहली बार किसी महिला आईएएस अधिकारी को उपायुक्त (DC) के रूप में नियुक्त किया गया है। मंगलवार को डॉ. वैशाली शर्मा ने जींद की 50वीं उपायुक्त के रूप में कार्यभार संभाल लिया। इससे पहले जिले में नियुक्त सभी 49 उपायुक्त पुरुष अधिकारी रहे हैं।
करीब छह दशक के प्रशासनिक सफर में जींद जिले ने अनेक अनुभवी आईएएस अधिकारियों का नेतृत्व देखा है, लेकिन महिला उपायुक्त की नियुक्ति का यह पहला अवसर है। डॉ. वैशाली शर्मा की नियुक्ति को जिले के प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
हरियाणा राज्य के गठन के बाद 29 अक्टूबर 1966 को आईएएस अधिकारी एचडी बंसल ने जींद के पहले उपायुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके बाद मुंशी राम, एम. कुट्टप्पन, जेडी गुप्ता, टीके बनर्जी, केआर बनर्जी, एमके मिगलानी, राम नारायण सिंह, एलएम मेहता, धनेद्रा कुमार, रघबीर सिंह, महेंद्र सिंह, जगत राम, एचसी दिसोदिया, आरके सिंह, चंदर सिंह, एसपी भाटिया, जेपी नारंग, सज्जन सिंह, अशोक लवासा, पीपी सिंह साव्हने, सुदीप सिंह ढिल्लों रहे।
इसके बाद राम पी. चंद्र, आलोक निगम, गुलाब सिंह सोरोत, हरदीप कुमार, विवेक जोशी, तरुण बजाज, पीके दास, एचएस धनखड़, राजीव शर्मा, एमपी बंसल, युद्धवीर सिंह, पंकज यादव, टीएल सत्यप्रकाश, मोहम्मद शाइन, अभय सिंह यादव, एमएल कौशिक, वाईएस ख्यालिया, राजीव रतन, अशोक कुमार मीणा, अजीत बालाजी जोशी, विनय सिंह, अमित खत्री, डॉ. आदित्य दहिया, नरेश कुमार नरवाल, मनोज कुमार और मोहम्मद इमरान रजा सहित कई अधिकारियों ने जिले की प्रशासनिक कमान संभाली।
जींद जिले में अब तक नियुक्त उपायुक्तों में सबसे लंबा कार्यकाल आईएएस अधिकारी एमके मिगलानी का रहा है। उन्होंने 16 जुलाई 1971 से 14 जून 1974 तक जिले के उपायुक्त के रूप में सेवाएं दीं। हालांकि दिलचस्प तथ्य यह है कि जींद में अब तक कोई भी उपायुक्त अपना तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। एमके मिगलानी का कार्यकाल इस रिकॉर्ड के सबसे करीब माना जाता है।
जींद जिले के प्रशासनिक इतिहास में आईएएस अधिकारी एमएल कौशिक का नाम विशेष रूप से दर्ज है। वह जिले के एकमात्र ऐसे उपायुक्त रहे हैं जिन्हें दो अलग-अलग कार्यकालों में जींद का डीसी बनने का अवसर मिला।
एमएल कौशिक पहली बार 29 अगस्त 2011 से 31 अक्टूबर 2011 तक उपायुक्त रहे। इसके बाद दूसरी बार 18 फरवरी 2013 से 15 जुलाई 2013 तक उन्होंने जिले की कमान संभाली। दोनों कार्यकालों को जोड़ने पर भी उनका कुल कार्यकाल एक वर्ष से कम रहता है। इसी कारण वह जींद में सबसे कम अवधि तक उपायुक्त रहने वाले अधिकारियों में शामिल हैं।
डॉ. वैशाली शर्मा की नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि जींद जिले के 60 वर्षों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। पहली महिला उपायुक्त के रूप में उनसे जिले के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनसेवा के क्षेत्र में नई पहल की उम्मीद की जा रही है। उनकी नियुक्ति महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने और प्रशासनिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी प्रतीक मानी जा रही है।