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Jind Akash Institute News : जींद के विजय नगर की एक महिला ने आकाश इंस्टीच्यूट पर गुमराह कर के 30 हजार रुपए हड़पने के आरोप लगाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत दी है। DEO तथा डीसी के नाम भेजी शिकायत में विजय नगर की विधवा महिला पूनम ने बताया कि उसके बेटे अक्षित ने इसी साल दसवीं क्लास पास की है। उसका बेटा जेई मेंस की तैयारी करना चाहता था।
इसलिए वह जींद के गोहाना रोड पर स्थित आकाश इंस्टीच्यूट में जानकारी लेने के लिए चले गए। वहां पर स्टॉफ ने बच्चे के मार्क्स के बारे में जानकारी लेकर दसवीं का रिजल्ट व बाकी दस्तावेज ले लिए और एक लाख 55 हजार रुपए साल की फीस बता कर 30 हजार रुपए जमा करवा लिए। पूनम ने बताया कि 26 मई को उन्होंने 30 हजार रुपए आकाश इंस्टीच्यूट के खाते में गूगल-पे के जरिए जमा करवा दिए। इंस्टीच्यूट द्वारा किसी तरह का डेमो भी नहीं दिया गया।
जब वह स्कूल में 11वीं क्लास में नॉन मेडिकल में बच्चे के दाखिले को लेकर पहुंचे तो स्कूल स्टाफ ने बताया कि हरियाणा बोर्ड के नियमानुसार बच्चा नॉन मेडिकल संकाय में दाखिला नहीं ले सकता क्योंकि अक्षित के गणित में 40 और विज्ञान विषय में 49 अंक थे। इसलिए नॉन मेडिकल में दाखिले के लिए अयोग्य हो गया। यह बात उन्होंने आकाश इंस्टीच्यूट में जाकर बताई तो स्टाफ ने उन्हें एडमिशन का आश्वासन दिया।
इसलिए एक-दो दिन उसने इंतजार किया, जब किसी भी स्कूल में बच्चे का एडमिशन नहीं हो पाया तो वह रुपए लेने के लिए वापस गई। उसके रुपए वापस नहीं दिए गए और बाकी एक लाख 25 हजार रुपए भी जमा करवाने का दबाव बनाने लगे। पूनम ने आरोप लगाया कि उन्हें गुमराह कर के अधूरी जानकारी देते हुए बच्चे का रजिस्ट्रेशन कर दिया। अब उनके रुपए रिफंड भी नहीं कर रहे हैं। जब उनका बच्चा जेई मेंस के लिए जरूरी विषय ही नहीं पढ़ पाएगा तो वह कोचिंग लेकर क्या करेंगे। डीसी व जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर पूनम ने मांग की कि उनके रुपए वापस दिलवाए जाएं।
इस मामले में आकाश इंस्टीच्यूट की पदाधिकारी ममता हुड्डा ने बताया कि उनके संस्थान में रजिस्ट्रेशन रिफंड नहीं होता, केवल फीस रिफंड का प्रावधान है। शिकायत करने वाली महिला पूनम की उन्होंने मदद करने की कोशिश की थी और स्कूल स्टाफ से भी बात की थी, ताकि बच्चे का दाखिला हो सके।